3 अगस्त से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाएंगे पटवारी, 28 जुलाई से ऑनलाइन कार्यों का बहिष्कार
बुलेट रिपोर्टर मऊगंज। मध्यप्रदेश पटवारी संघ के आह्वान पर जिले के पटवारी अपनी लंबित मांगों को लेकर चरणबद्ध आंदोलन कर रहे हैं। आंदोलन के अगले चरण में 28 जुलाई से सभी ऑनलाइन कार्यों का बहिष्कार किया जाएगा। इसके बाद भी शासन स्तर पर मांगों का समाधान नहीं होने पर 3 अगस्त से जिले की सभी तहसीलों के पटवारी प्रदेशव्यापी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले जाएंगे।
पटवारी संघ ने शासन की नीतियों को लेकर नाराजगी जताते हुए कहा है कि लंबे समय से उनकी मांगें लंबित हैं। संघ के अनुसार अन्य विभागों में पदोन्नति प्रक्रिया जारी है, लेकिन कई पटवारी 40 वर्षों की सेवा के बाद भी बिना पदोन्नति के उसी पद से सेवानिवृत्त हो रहे हैं।
संघ ने बताया कि आंदोलन के तहत 15 से 17 जुलाई तक सामूहिक अवकाश, 20 जुलाई को तहसीलदारों के माध्यम से ज्ञापन सौंपना, 20 से 23 जुलाई तक काली पट्टी बांधकर विरोध प्रदर्शन और 24 जुलाई को तहसील एवं आधिकारिक व्हाट्सएप समूहों से बाहर निकलने जैसे चरण पूरे किए जा चुके हैं। इसके बावजूद शासन की ओर से कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है।
पटवारी संघ के संभागीय अध्यक्ष जवाहरलाल शुक्ल, जिलाध्यक्ष संजयधर द्विवेदी और तहसील अध्यक्ष दीपक कुमार तिवारी ने बताया कि प्रदेश के पटवारी वर्तमान में 36 विभागों से जुड़े विभिन्न कार्यों का दायित्व संभाल रहे हैं। इसके बावजूद उनकी मूलभूत मांगों पर अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है।
संघ की प्रमुख मांगों में कैडर रिव्यू लागू करना, पदोन्नति एवं समयमान वेतनमान देना, विभागीय परीक्षा आयोजित करना, जज प्रोटेक्शन एक्ट में पटवारियों को शामिल करना और लंबित वित्तीय भुगतान जारी करना शामिल हैं।
पटवारी संघ ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही मांगों पर निर्णय नहीं लिया गया तो 3 अगस्त से अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी जाएगी। संघ ने कहा है कि हड़ताल के दौरान जनगणना, किसानों से जुड़े कार्यों और शासन की महत्वपूर्ण योजनाओं पर असर पड़ सकता है, जिसकी जिम्मेदारी शासन की होगी।
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