स्मार्टफोन की सनक: मोबाइल नहीं मिला तो 30 फीट ऊंचे पुल से कूदा बेटा, बचाने पिता ने भी नदी में लगाई छलांग
मोबाइल के लिए जिद: पिता ने कहा बाद में दिलाएंगे, तो बेटे ने नदी में लगा दी छलांग
बुलेट रिपोर्टर दमोह/नरसिंहगढ़।
स्मार्टफोन की बढ़ती सनक युवाओं को किस हद तक जोखिम भरे कदम उठाने पर मजबूर कर सकती है, इसका हैरान करने वाला मामला दमोह जिले के नरसिंहगढ़ से सामने आया है।
यहां नया मोबाइल फोन तुरंत नहीं मिलने से नाराज 21 वर्षीय युवक ने करीब 30 फीट ऊंचे पुल से उफनती सुनार नदी में छलांग लगा दी। बेटे को डूबता देख पिता ने भी अपनी जान की परवाह किए बिना नदी में छलांग लगा दी।
गनीमत रही कि पिता और बेटे को समय रहते स्थानीय नाविकों ने सुरक्षित बाहर निकाल लिया और बड़ा हादसा टल गया।
मोबाइल की जिद पर हुआ विवाद
जानकारी के अनुसार, रौनगिर गांव निवासी अंकित यादव (21) अपने पिता द्वारका प्रसाद के साथ बटियागढ़ की ओर जा रहा था। इसी दौरान सुनार नदी के पुल पर पहुंचने के बाद अंकित ने नया मोबाइल खरीदने की जिद शुरू कर दी।
पिता ने उसे समझाते हुए कहा कि अभी मोबाइल नहीं दिला सकते, बाद में खरीद देंगे। इसी बात को लेकर दोनों के बीच कहासुनी हो गई।
गुस्से में आकर अंकित ने अचानक पुल से नदी में छलांग लगा दी।
बेटे को बचाने पिता भी कूदे
बेटे को नदी में गिरता देख पिता द्वारका प्रसाद ने एक पल भी देरी नहीं की और खुद भी नदी में कूद गए।
पिता को तैरना आता था। उन्होंने तेज बहाव के बीच संघर्ष करते हुए बेटे को पकड़ लिया और उसे पुल के पिलर तक ले आए। दोनों ने पिलर से निकले एक लोहे के सरिये को पकड़ लिया और तेज धार के बीच जिंदगी बचाने के लिए संघर्ष करते रहे।
नाविकों ने बचाई दोनों की जान
पुल से दो लोगों को नदी में कूदते देख मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई। राहगीरों ने तुरंत पुलिस और डायल-112 को सूचना दी।
स्थानीय लोगों ने मांझी समाज के अध्यक्ष डालचंद रैकवार को जानकारी दी। वे अपने दो साथियों के साथ नाव लेकर मौके पर पहुंचे और उफनती नदी के बीच साहस दिखाते हुए पिता-पुत्र दोनों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया।
संभाजीनगर हादसे की आई याद
स्मार्टफोन की जिद से जुड़ा महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर का दर्दनाक मामला अभी लोगों के जेहन में ताजा है।
वहां आईफोन की किस्त को लेकर हुए विवाद के बाद 19 वर्षीय युवक कुणाल पहाड़ी से कूदने पहुंच गया था। बेटे को बचाने के प्रयास में पिता और बाद में मां भी हादसे का शिकार हो गए थे। इस घटना में पूरे परिवार की मौत हो गई थी।
दमोह में समय रहते बचाव होने से बड़ा हादसा टल गया।
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