दिल्ली में छात्रों के मार्च पर बल प्रयोग लोकतंत्र पर हमला, शिक्षा मंत्री दें इस्तीफा: कांग्रेस
रीवा ब्यूरो | बुलेट रिपोर्टर
दिल्ली में शिक्षा व्यवस्था में सुधार और परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता की मांग को लेकर छात्रों एवं युवाओं के शांतिपूर्ण मार्च के दौरान कथित बल प्रयोग को लेकर कांग्रेस ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। रीवा में आयोजित पत्रकार वार्ता में कांग्रेस नेताओं ने इसे लोकतंत्र और संविधान की भावना पर सीधा हमला बताते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की।
प्रदेश कांग्रेस महासचिव गुरमीत सिंह मंगू ने कहा कि शिक्षा व्यवस्था में सुधार, परीक्षाओं में पारदर्शिता और युवाओं के भविष्य को सुरक्षित करने की मांग कर रहे छात्रों पर कथित लाठीचार्ज, आंसू गैस और बल प्रयोग बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में शांतिपूर्ण ढंग से अपनी बात रखना प्रत्येक नागरिक का संवैधानिक अधिकार है, लेकिन सरकार संवाद के बजाय दमन का रास्ता अपना रही है।
कांग्रेस ने आरोप लगाया कि सरकार छात्रों की समस्याओं का समाधान करने के बजाय उनकी आवाज़ दबाने का प्रयास कर रही है। पार्टी ने मांग की कि पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष न्यायिक जांच कराई जाए। यदि प्रदर्शन स्थल पर सिविल ड्रेस में डंडों के साथ मौजूद असामाजिक तत्व थे, तो उनकी पहचान कर उनके खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई की जाए।
कांग्रेस ने यह भी मांग की कि प्रदर्शन के दौरान घायल हुए छात्रों को बेहतर उपचार, उचित मुआवजा और सुरक्षा उपलब्ध कराई जाए। साथ ही शिक्षा व्यवस्था से जुड़े सभी महत्वपूर्ण मुद्दों पर सरकार व्यापक संवाद शुरू करे, ताकि युवाओं का भविष्य सुरक्षित हो सके।
पत्रकार वार्ता के दौरान कांग्रेस नेताओं ने केंद्र सरकार से लोकतांत्रिक मूल्यों का सम्मान करते हुए छात्रों की आवाज़ सुनने और उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार करने की अपील की।
बाइट:
गुरमीत सिंह मंगू, प्रदेश महासचिव, कांग्रेस
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