बांधवगढ़ में बाघ शावक की संदिग्ध मौत, निजी रिसोर्ट में चल रही थी वन्यजीव कार्यशाला
बुलेट रिपोर्टर ब्यूरो उमरिया। मध्य प्रदेश के प्रसिद्ध बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के बफर क्षेत्र में एक मादा बाघ शावक की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई है। घटना धमोखर परिक्षेत्र के चापर गांव स्थित ददरा हार क्षेत्र की है। सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी।
घटना ऐसे समय सामने आई है जब एक निजी रिसोर्ट में वन विभाग की वन्यजीव प्रबंधन कार्यशाला आयोजित की जा रही थी, जिसमें पीसीसीएफ (वन्यप्राणी) सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, फील्ड डायरेक्टर, डिप्टी डायरेक्टर, रेंजर और अन्य अधिकारी मौजूद थे।
प्रेस नोट के अनुसार
बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के फील्ड डायरेक्टर डॉ. अनुपम सहाय द्वारा जारी प्रेस नोट में बताया गया कि धमोखर रेंज की धमोखर बीट से लगभग 500 मीटर दूर ग्राम चापर के राजस्व क्षेत्र में मादा बाघ शावक का शव मिला। सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण किया।
एनटीसीए (राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण) की मानक कार्यप्रणाली (SOP) के अनुसार पोस्टमार्टम, दाह संस्कार एवं अन्य वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
प्राथमिक जांच में क्या मिला
वन्यजीव स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. राजेश तोमर द्वारा किए गए प्रारंभिक परीक्षण में शावक के सिर की हड्डियों में फ्रैक्चर पाया गया। इसके अलावा शरीर पर नाखून और दांत के निशान भी मिले हैं।
हालांकि वन विभाग का कहना है कि मौत का वास्तविक कारण पोस्टमार्टम और फोरेंसिक जांच रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा। विशेषज्ञों की उपस्थिति में विस्तृत परीक्षण के लिए शव को सुरक्षित रखा गया है।
लगातार बढ़ रही चिंता
प्रदेश में लगातार बाघों की मौत की घटनाएं सामने आने से वन्यजीव संरक्षण को लेकर चिंता बढ़ रही है। इस मामले की जांच जारी है और वन विभाग ने कहा है कि रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के कारणों की आधिकारिक पुष्टि की जाएगी।
क्या यह खबर उपयोगी थी?
इस लेख को शेयर करें:
