इंदौर में लोकायुक्त की बड़ी कार्रवाई: कनिष्ठ यंत्री 40 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार
बुलेट रिपोर्टर ब्यूरो इंदौर। लोकायुक्त पुलिस इंदौर ने भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए मध्यप्रदेश पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी (एमपीपीकेवीवीसीएल) के कनिष्ठ यंत्री नमेश कुमार भोंडेकर को 40 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। आरोपी पर भ्रष्टाचार निवारण (संशोधन) अधिनियम, 2018 की धारा-7 के तहत मामला दर्ज किया गया है।
शिकायतकर्ता शिवप्रकाश बसवाल, जो बिल्डर एवं होटल व्यवसायी हैं, ने 17 जुलाई 2026 को लोकायुक्त कार्यालय इंदौर में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया कि अंबे नगर स्थित जी.आर.-7 होटल की इमारत पर सोलर पैनल लगाने संबंधी फाइल आगे बढ़ाने के एवज में कनिष्ठ यंत्री 80 हजार रुपये की रिश्वत मांग रहा है।
शिकायत मिलने के बाद पुलिस अधीक्षक लोकायुक्त राजेश सहाय के निर्देशन में शिकायत का सत्यापन कराया गया। सत्यापन के दौरान रिश्वत मांगने की पुष्टि होने पर 18 जुलाई 2026 को निरीक्षक सचिन पटेरिया के नेतृत्व में ट्रैप टीम गठित की गई।
ट्रैप कार्रवाई के दौरान आरोपी नमेश कुमार भोंडेकर को शिकायतकर्ता से 40 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ लिया गया। कार्रवाई आरोपी के कार्यालय, सहायक यंत्री कार्यालय, एमपी पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी, सुखलिया जोन, इंदौर में की गई।
लोकायुक्त पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण (संशोधन) अधिनियम, 2018 की धारा-7 के तहत अपराध दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है।
इस कार्रवाई का नेतृत्व निरीक्षक सचिन पटेरिया ने किया। ट्रैप दल में प्रधान आरक्षक विजय कुमार, विवेक मिश्रा तथा आरक्षक कमलेश परिहार, सतीश यादव, कृष्ण अहिरवार, मनीष माथुर और चालक शेर सिंह ठाकुर शामिल रहे।
लोकायुक्त संगठन ने आम नागरिकों से अपील की है कि यदि कोई शासकीय अधिकारी या कर्मचारी रिश्वत की मांग करता है तो उसकी शिकायत तत्काल लोकायुक्त कार्यालय इंदौर में करें, ताकि भ्रष्टाचार के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई की जा सके।
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