चित्रकूट में सदी की भीषण बाढ़, बिहार के श्रद्धालु की मौत; तीन यात्रियों का रेस्क्यू
चित्रकूट में सदी की भीषण बाढ़, बिहार के श्रद्धालु की मौत; तीन का रेस्क्यू
बुलेट रिपोर्टर सतना/चित्रकूट। मंदाकिनी नदी में आई भीषण बाढ़ ने चित्रकूट में हालात बिगाड़ दिए हैं। बाढ़ के पानी में फंसने से बिहार के अरवल जिले के ग्राम सुनैनी निवासी कमला शरण की मौत हो गई। वहीं रेस्क्यू किए गए तीन अन्य यात्रियों की हालत स्थिर बताई जा रही है।
पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक कमला शरण चित्रकूट में चातुर्मास के लिए ठहरे करीब 50 श्रद्धालुओं के दल में शामिल थे। शनिवार को मंदाकिनी नदी का जलस्तर अचानक बढ़ने के बाद शिवहरे धर्मशाला में भी पानी भर गया, जिससे वहां ठहरे कुछ लोग फंस गए।
धर्मशाला में पानी भरने के बाद शुरू हुआ रेस्क्यू
धर्मशाला में बाढ़ का पानी भरने की सूचना मिलते ही बचाव दल मौके पर पहुंचा। टीम ने फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने का अभियान शुरू किया। इस दौरान तीन यात्रियों को रेस्क्यू कर अस्पताल पहुंचाया गया।
इसके अलावा राममोहल्ला स्थित एक अन्य धर्मशाला में भी जलभराव के बीच एक यात्री के फंसे होने की सूचना मिली। बचाव दल ने उसे भी सुरक्षित बाहर निकालकर उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया।
इलाज के दौरान श्रद्धालु ने तोड़ा दम
रेस्क्यू किए गए लोगों में शामिल कमला शरण की अस्पताल में उपचार के दौरान मौत हो गई। वहीं तीन अन्य पीड़ितों की हालत में सुधार बताया जा रहा है।
हादसे की जानकारी मिलने के बाद प्रशासन और बचाव एजेंसियों ने प्रभावित इलाकों में राहत एवं बचाव अभियान तेज कर दिया है।
सेना, पुलिस और NDRF-SDRF की टीमें मैदान में
चित्रकूट में अभी भी बाढ़ का खतरा बना हुआ है। स्थिति को देखते हुए सेना, पुलिस, NDRF और SDRF की टीमें लगातार रेस्क्यू ऑपरेशन चला रही हैं। प्रभावित क्षेत्रों में फंसे लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने के साथ राहत सामग्री का वितरण भी किया जा रहा है।
मंदाकिनी नदी के बढ़े जलस्तर के कारण नदी किनारे के क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरती जा रही है। प्रशासन की टीमें लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।
श्रद्धालुओं की सुरक्षा बनी सबसे बड़ी चुनौती
चित्रकूट में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने के बीच अचानक आई बाढ़ ने प्रशासन के सामने बड़ी चुनौती खड़ी कर दी है। धर्मशालाओं और निचले इलाकों में जलभराव के बाद फंसे लोगों को निकालना प्राथमिकता बना हुआ है।
फिलहाल राहत और बचाव कार्य जारी है और प्रशासन की ओर से लोगों से नदी तथा जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रहने की अपील की जा रही है।
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