रुक-रुककर बारिश और डैम के गेट खुलने से उफनाईं नदियां, तराई अंचल में बढ़ा बाढ़ का खतरा
बुलेट रिपोर्टर रीवा। जिले में पिछले दो दिनों से हो रही रुक-रुककर बारिश और बांधों के गेट खोले जाने के बाद प्रमुख नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ गया है। बिछिया, बीहर, बेलन, महाना और टमस नदी उफान पर हैं। सबसे ज्यादा असर बेलन नदी में देखने को मिल रहा है, जहां जलस्तर बढ़ने से तराई क्षेत्र के कई गांवों में बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है।
मिर्जापुर क्षेत्र में हुई तेज बारिश के बाद अंदवा डैम के छह गेट खोल दिए गए हैं। डैम से पानी छोड़े जाने के बाद बेलन नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ा है। तराई अंचल के कई गांवों में नदी का पानी बढ़ने से संपर्क प्रभावित हुआ है। प्रशासन ने ग्रामीणों को सतर्क रहने की हिदायत दी है।
डीह पुल के करीब पहुंचा बेलन नदी का जलस्तर
त्योंथर क्षेत्र में बेलन नदी का जलस्तर डीह पुल के खतरे के निशान के करीब पहुंच गया है। डीह पुल पर खतरे का निशान 110 मीटर निर्धारित है। सोमवार को नदी का जलस्तर खतरे के निशान से करीब डेढ़ मीटर नीचे दर्ज किया गया।
जलस्तर लगातार बढ़ने की स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने एहतियाती कदम उठाए हैं। नदी किनारे लोगों की आवाजाही पर रोक लगा दी गई है। साथ ही किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए एसडीआरएफ की टीम तैनात की गई है।
प्रशासन ने नदी और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों से सतर्क रहने तथा जलस्तर बढ़ने की स्थिति में सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की है।
क्या यह खबर उपयोगी थी?
इस लेख को शेयर करें:
