अवधेश प्रताप सिंह विश्वविद्यालय की समस्याओं को लेकर अभाविप ने सौंपा 16 सूत्रीय ज्ञापन
बुलेट रिपोर्टर रीवा। अवधेश प्रताप सिंह विश्वविद्यालय में विद्यार्थियों की लंबे समय से लंबित शैक्षणिक एवं मूलभूत समस्याओं के निराकरण की मांग को लेकर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) ने कुलगुरु को 16 सूत्रीय ज्ञापन सौंपा।
अभाविप ने विश्वविद्यालय प्रशासन को चेतावनी दी है कि यदि एक सप्ताह के भीतर समस्याओं के समाधान की दिशा में ठोस कार्रवाई नहीं की गई तो विद्यार्थी परिषद आंदोलन का मार्ग अपनाने के लिए बाध्य होगी।
ज्ञापन में परीक्षा परिणामों में हो रही देरी, परिणामों की गुणवत्ता और आउटसोर्सिंग एजेंसियों की कार्यप्रणाली की समीक्षा करने की मांग की गई। परिषद ने आवश्यकता पड़ने पर परिणाम तैयार करने की व्यवस्था विश्वविद्यालय स्तर पर पुनः लागू करने की मांग रखी।
इसके अलावा विश्वविद्यालय परिसर में संचालित MP-ONLINE KIOSK में विद्यार्थियों से कथित मनमानी वसूली की शिकायतों की जांच कर पारदर्शी व्यवस्था लागू करने की मांग की गई।
अभाविप ने विश्वविद्यालय परिसर में जल्द कैंटीन शुरू करने, छात्रवृत्ति संबंधी समस्याओं के समाधान के लिए Dedicated Scholarship Cell बनाने और शिक्षकों की कमी दूर करने के लिए रिक्त पदों पर भर्ती करने की मांग की।
ज्ञापन में 7000 से अधिक विद्यार्थियों को पहचान पत्र उपलब्ध नहीं कराए जाने का मुद्दा भी उठाया गया। परिषद ने कहा कि विद्यार्थियों से पहचान पत्र के नाम पर शुल्क लिया जाता है, लेकिन इसके बावजूद उन्हें सुविधा नहीं मिल रही है। इसके साथ ही परिसर में Free Wi-Fi सुविधा उपलब्ध कराने की मांग की गई।
विद्यार्थियों से कंप्यूटर शुल्क लेने के बावजूद पर्याप्त कंप्यूटर लैब उपलब्ध नहीं होने पर भी सवाल उठाए गए। B.Sc. Maths, Computer Science और B.Tech जैसे पाठ्यक्रमों के लिए आवश्यक कंप्यूटर लैब उपलब्ध कराने की मांग की गई।
परिषद ने परीक्षा एवं मूल्यांकन व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए उपयुक्त नोडल सेंटर स्थापित करने, बिना प्रायोगिक परीक्षा के अंक अपलोड किए जाने और अष्टम सेमेस्टर परीक्षा प्रक्रिया की जांच कराने की मांग भी रखी।
इसके अलावा शिक्षण विभागों में स्वच्छ पेयजल, कक्षाओं और शौचालयों की नियमित साफ-सफाई, छात्राओं की सुरक्षा एवं निजता सुनिश्चित करने, प्रोफेशनल पाठ्यक्रमों के लिए आधारभूत संरचना विकसित करने और लंबित जांच रिपोर्ट सार्वजनिक करने की मांग की गई।
अभाविप ने मध्य प्रदेश शासन के अकादमिक कैलेंडर का पालन, NEP तृतीय वर्ष के लंबित परीक्षा परिणाम, B.Pharma विद्यार्थियों को अंकसूची उपलब्ध कराने और विश्वविद्यालय की क्रय प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग भी ज्ञापन में शामिल की।
DET-2024 परीक्षा की उत्तर कुंजी में कथित गलत उत्तरों के संबंध में विद्यार्थियों द्वारा दिए गए अभ्यावेदनों पर शीघ्र कार्रवाई करने की मांग भी की गई।
अभाविप के प्रांत सह मंत्री पवन द्विवेदी ने कहा कि विश्वविद्यालय विद्यार्थियों के लिए शिक्षा का प्रमुख केंद्र है, लेकिन मूलभूत सुविधाओं, परीक्षा परिणाम, छात्रवृत्ति, पहचान पत्र, कंप्यूटर लैब और शिक्षकों की कमी जैसी समस्याओं का बने रहना गंभीर विषय है।
नगर मंत्री कार्तिकेय तिवारी ने कहा कि विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण और सुविधाएं उपलब्ध कराना विश्वविद्यालय प्रशासन की जिम्मेदारी है। वहीं विश्वविद्यालय इकाई मंत्री दीपा तोमर ने छात्राओं की सुरक्षा, स्वच्छता और अन्य मूलभूत समस्याओं के शीघ्र समाधान की मांग की।
अभाविप ने स्पष्ट किया कि यदि एक सप्ताह के भीतर समस्याओं के समाधान की दिशा में ठोस कदम नहीं उठाए गए तो विद्यार्थी परिषद लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन करेगी।
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