जबलपुर में पोल्ट्री दुकान पर मरे मुर्गे बेचने का वायरल वीडियो फर्जी, पुलिस ने बताया पार्किंग और चंदे के विवाद से जुड़ा मामला
बुलेट रिपोर्टर जबलपुर। अधारताल स्थित बिरसा मुंडा चौक पर गोल्डन ब्रॉयलर मुर्गा दुकान में मरे हुए मुर्गे बेचने का आरोप लगाते हुए सोशल मीडिया पर वायरल किया गया वीडियो पुलिस जांच में फर्जी और भ्रामक बताया गया है। मामले को लेकर दुकान संचालक और पोल्ट्री फार्म प्रबंधन ने भी आरोपों को पूरी तरह खारिज किया है।
दुकान के संचालक और फीनिक्स पोल्ट्री के महाप्रबंधक ने वायरल वीडियो को उनकी प्रतिष्ठा और लंबे समय से चले आ रहे कारोबार को नुकसान पहुंचाने की साजिश बताया। उनका कहना है कि त्योहार और उत्सव के सीजन में मुर्गों की मांग बढ़ने पर बाहर से स्टॉक लाया जाता है। परिवहन के दौरान प्राकृतिक कारणों से मरने वाले मुर्गों को जिंदा स्टॉक से अलग कर दिया जाता है।
प्रबंधन के मुताबिक दुकान पर मुर्गों की अनलोडिंग और अन्य गतिविधियां निर्धारित प्रक्रिया के तहत की जाती हैं। दुकान परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से पूरी गतिविधि की निगरानी भी की जाती है।
पार्किंग और चंदे के विवाद का आरोप
मामले की जांच के बाद पुलिस अधिकारियों ने वायरल वीडियो को लेकर अपनी स्थिति स्पष्ट की है। एडिशनल एसपी सूर्यकांत शर्मा के अनुसार, वीडियो को गलत संदर्भ में इस्तेमाल कर सोशल मीडिया पर प्रसारित किया गया। पुलिस का कहना है कि रक्षाबंधन से पहले दुकान पर मुर्गों की अनलोडिंग के दौरान मृत मुर्गों को अलग करने की सामान्य प्रक्रिया का वीडियो बनाया गया था, जिसे बाद में कथित तौर पर गलत तरीके से प्रस्तुत किया गया।
पुलिस के मुताबिक मामले के पीछे पार्किंग और चंदे को लेकर विवाद की बात भी सामने आई है। पुलिस अब वायरल वीडियो और उससे जुड़ी जानकारी के आधार पर इसे प्रसारित करने वालों की भूमिका की जांच कर रही है।
पुलिस प्रशासन ने लोगों से सोशल मीडिया पर किसी भी वीडियो या दावे को बिना सत्यापन के साझा नहीं करने की अपील की है। अधिकारियों का कहना है कि भ्रामक जानकारी फैलाने वालों के खिलाफ जांच के बाद नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
बाइट
हिशेष मिश्रा — महाप्रबंधक, पोल्ट्री फार्म
सूर्यकांत शर्मा — एडिशनल एसपी, जबलपुर
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