सीएम डॉ. यादव का स्वास्थ्य सुविधाओं पर जोर, बीमारी से जान गंवाने वालों के परिजनों को मिलेगी 2-2 लाख की सहायता
सीएम डॉ. यादव का स्वास्थ्य सुविधाओं पर जोर, बीमारी से जान गंवाने वालों के परिजनों को 2-2 लाख रुपये
बुलेट रिपोर्टर भोपाल/बालाघाट। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 29 अगस्त को जन-विश्वास अभियान के तहत बालाघाट पहुंचे। इस दौरान उन्होंने मीडिया से चर्चा करते हुए जिले के विकास, स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार और पूर्व नक्सल प्रभावित क्षेत्रों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने को लेकर सरकार की प्राथमिकताएं बताईं।
मुख्यमंत्री ने गंभीर बीमारी से अपनों को खोने वाले परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए प्रभावित परिवारों को 2-2 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि सरकार बीमारी के मूल कारणों तक पहुंचकर उनके स्थायी समाधान और भविष्य में ऐसी घटनाओं की रोकथाम की दिशा में काम करेगी।
225 करोड़ से पूर्व नक्सल प्रभावित 100 गांवों की बदलेगी तस्वीर
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि बालाघाट जिले के 100 ऐसे गांव, जो कभी नक्सल प्रभावित रहे हैं, उन्हें विकास की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए 225 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
इन गांवों में सड़क, बिजली, पेयजल, शिक्षा और स्वास्थ्य सहित आवश्यक मूलभूत सुविधाओं का विस्तार एवं सुदृढ़ीकरण किया जाएगा। सरकार का उद्देश्य इन क्षेत्रों में विकास की गति बढ़ाने के साथ ग्रामीणों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि नक्सल प्रभावित क्षेत्रों को अब सुरक्षित और समृद्ध क्षेत्र के रूप में विकसित करने के लिए सरकार योजनाबद्ध तरीके से काम कर रही है।
ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर होंगे सृजित
मुख्यमंत्री ने ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए पशुपालन आधारित गतिविधियों को बढ़ावा देने की बात कही। उन्होंने बकरी पालन, मुर्गी पालन और दुग्ध उत्पादन के साथ-साथ होम स्टे और ग्रामीण पर्यटन को प्रोत्साहित करने पर जोर दिया।
उन्होंने कहा कि स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ने से ग्रामीणों की आय और आत्मनिर्भरता को मजबूती मिलेगी।
इको और ट्राइबल टूरिज्म पर जोर
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बालाघाट और लांजी क्षेत्र की प्राकृतिक एवं सांस्कृतिक विशेषताओं का उल्लेख करते हुए यहां पर्यटन की व्यापक संभावनाएं बताईं।
उन्होंने कहा कि क्षेत्र की प्राकृतिक सुंदरता, समृद्ध सांस्कृतिक परंपराएं और जनजातीय जीवनशैली को पर्यटन से जोड़कर इको टूरिज्म और ट्राइबल टूरिज्म को विकसित किया जा सकता है। इससे स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के नए रास्ते खुलेंगे और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी बढ़ावा मिलेगा।
बैगा आश्रमों को मिलेगा बढ़ावा
मुख्यमंत्री ने कहा कि बैगा समाज के सर्वांगीण विकास के लिए राज्य सरकार योजनाबद्ध तरीके से काम कर रही है। बैगा परिवारों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के साथ उनके बच्चों को शिक्षा से जोड़ने के लिए बैगा आश्रमों को बढ़ावा दिया जाएगा।
उन्होंने कहा कि बैगा समाज के समग्र विकास के लिए बैगा विकास प्राधिकरण के गठन की दिशा में भी काम किया जाएगा। इसके माध्यम से शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल और अन्य मूलभूत सुविधाओं के साथ अधोसंरचना विकास पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
नक्सलमुक्त बालाघाट के बाद विकास पर फोकस
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने लंबे प्रयासों के बाद बालाघाट समेत मध्यप्रदेश को नक्सलवाद से मुक्त करने की दिशा में महत्वपूर्ण सफलता हासिल की है। अब स्थानीय लोगों को विश्वास में लेकर क्षेत्र को विकास की मुख्यधारा से जोड़ना सरकार की प्राथमिकता है।
उन्होंने कहा कि सुरक्षित बालाघाट के बाद अब समृद्ध बालाघाट बनाने के संकल्प के साथ सरकार आगे बढ़ रही है।
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