कोरेक्स के कथित झूठे केस को लेकर IG से निष्पक्ष जांच की मांग
बुलेट रिपोर्टर रीवा। पंकज साहू को कोरेक्स के कथित झूठे प्रकरण में फंसाए जाने का आरोप लगाते हुए पुलिस महानिरीक्षक, रीवा जोन के समक्ष शिकायत देकर मामले की उच्चस्तरीय एवं निष्पक्ष जांच की मांग की गई है। शिकायत में पुलिसकर्मियों सहित कुछ संदिग्ध व्यक्तियों की कथित भूमिका की जांच कराने और डिजिटल साक्ष्यों को खंगालने की मांग उठाई गई है।
शिकायतकर्ता का आरोप है कि पंकज साहू को आपसी साजिश के तहत कोरेक्स मामले में फंसाने का प्रयास किया गया। शिकायत में विकास साहू, हिमांशु साहू और पूजा साहू सहित पुलिस आरक्षक जावेद खान के बीच कथित संपर्कों की जांच कराने की मांग की गई है।
शिकायत में आरक्षक जावेद खान के बताए गए मोबाइल नंबरों सहित संबंधित व्यक्तियों के वर्तमान एवं पूर्व मोबाइल नंबरों की जानकारी जुटाकर CDR, IPDR और उपलब्ध व्हाट्सएप कॉल एवं डिजिटल संचार रिकॉर्ड की नियमानुसार जांच कराने की मांग की गई है। साथ ही घटना के पहले और बाद की मोबाइल गतिविधियों तथा आपसी संपर्कों को तकनीकी जांच के दायरे में लाने की मांग की गई है।
थाने में दुर्व्यवहार का भी आरोप
शिकायत में सिविल लाइन थाना परिसर में आवेदन देने के दौरान कथित दुर्व्यवहार का भी उल्लेख किया गया है। आरोप लगाया गया है कि एएसआई राजेश द्विवेदी ने आवेदन पत्र फेंककर शिकायतकर्ताओं को बाहर जाने के लिए कहा। इसके विरोध में समाजसेवी बंशीलाल साहू सहित अन्य लोग थाने के बाहर बैठ गए।
शिकायतकर्ता ने थाना प्रभारी विजय सिंह बघेल पर भी कथित दुर्व्यवहार का आरोप लगाते हुए स्वतंत्र जांच और नियमानुसार कार्रवाई की मांग की है।
CCTV फुटेज सुरक्षित कराने की मांग
शिकायत में घटना से जुड़े स्थानों और पूरे मार्ग के उपलब्ध CCTV फुटेज तत्काल सुरक्षित कराने की मांग की गई है, ताकि घटना के समय संबंधित व्यक्तियों की मौजूदगी और आवाजाही की पुष्टि की जा सके।
इसके अलावा आरक्षक जावेद खान की कथित घटनास्थल पर मौजूदगी, उनकी ड्यूटी और संबंधित लोगों से संपर्क की भी विभागीय अभिलेखों के आधार पर जांच कराने की मांग की गई है।
स्थानीय स्तर के बजाय वरिष्ठ अधिकारी से जांच की मांग
शिकायतकर्ता ने मामले की जांच स्थानीय स्तर के अधिकारी से न कराकर किसी वरिष्ठ एवं निष्पक्ष पुलिस अधिकारी से कराने की मांग की है। आवेदन में कहा गया है कि जांच के दौरान यदि किसी व्यक्ति की भूमिका संदिग्ध या दोषी पाई जाती है तो उसके खिलाफ FIR दर्ज कर वैधानिक कार्रवाई की जाए।
वहीं, पंकज साहू को निर्दोष बताते हुए शिकायतकर्ता ने उसके विरुद्ध लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र जांच कराने और यदि आरोप प्रमाणित नहीं होते हैं तो उसे उचित वैधानिक राहत प्रदान करने की मांग की है।
हालांकि, शिकायत में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि होना अभी बाकी है। पुलिस जांच के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
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