भोपाल कूच से पहले किसान नेताओं पर पुलिस की कार्रवाई, कई नेता हिरासत में; आंदोलन को लेकर सरकार अलर्ट
बुलेट रिपोर्टर | पिपरिया (नर्मदापुरम)।
मूंग खरीदी शुरू करने और खाद वितरण की टोकन व्यवस्था समाप्त करने की मांग को लेकर प्रस्तावित भोपाल कूच से पहले नर्मदापुरम जिले में पुलिस और प्रशासन ने किसान नेताओं पर कार्रवाई शुरू कर दी। सोमवार अलसुबह से ही पिपरिया के प्रमुख चौराहों, बस स्टैंड और रेलवे स्टेशन पर भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया तथा विभिन्न स्थानों से किसान नेताओं को हिरासत में लिया गया।
जानकारी के अनुसार, करीब 13 किसान संगठनों का पैदल मार्च नर्मदापुरम से भोपाल के लिए शुरू होना था। इससे पहले ही राष्ट्रीय किसान मजदूर महासंघ के प्रांतीय उपाध्यक्ष जितेंद्र भार्गव को पिपरिया रेलवे स्टेशन पर अमरकंटक एक्सप्रेस से हिरासत में ले लिया गया। वहीं किसान नेता शिवराज राजौरिया को सांडिया क्षेत्र से अभिरक्षा में लिए जाने की सूचना है। इसके अलावा बनखेड़ी पुलिस ने भी चार किसान नेताओं को हिरासत में लिया है।
किसान नेताओं का आरोप है कि वे अपनी मांगों को लेकर शांतिपूर्ण ढंग से भोपाल कूच करने की तैयारी कर रहे थे, लेकिन प्रशासन ने बिना किसी उकसावे के उन्हें रोकते हुए हिरासत में ले लिया। उनका कहना है कि सरकार किसानों की आवाज दबाने का प्रयास कर रही है।
उधर, हाल के आंदोलनों के बाद प्रदेश सरकार धरना-प्रदर्शनों को लेकर पहले से ही सतर्क है। इसी के चलते नर्मदापुरम जिले में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। पुलिस का कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।
इस कार्रवाई के बाद क्षेत्र में राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है और किसान संगठनों ने सरकार के रवैये पर नाराजगी जताते हुए आगे की रणनीति बनाने के संकेत दिए हैं।
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