कलेक्टर नरेंद्र कुमार सूर्यवंशी ने शहर में जलभराव का लिया जायजा, अधिकारियों को दिए जल निकासी के निर्देश
बुलेट रिपोर्टर रीवा। लगातार हो रही बारिश के कारण शहर के कई इलाकों में जलभराव की स्थिति को देखते हुए कलेक्टर नरेंद्र कुमार सूर्यवंशी ने विभिन्न वार्डों का भ्रमण कर मौके पर हालात का जायजा लिया। कलेक्टर ने वार्ड क्रमांक-2, वार्ड क्रमांक-10 और वार्ड क्रमांक-15 का निरीक्षण किया।
भ्रमण के दौरान नगर निगम आयुक्त अक्षत जैन, एसडीएम अनुराग तिवारी और तहसीलदार अनुपम पांडेय सहित संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।
रेलवे लाइन के पास जलभराव का लिया जायजा
कलेक्टर ने वार्ड क्रमांक-2 में रेलवे लाइन के पास हुए जलभराव का निरीक्षण किया। उन्होंने जलभराव से प्रभावित लोगों से चर्चा कर उनकी समस्याएं सुनीं।
कलेक्टर ने बताया कि पानी की निकासी के लिए रेलवे को आवश्यक निर्देश दिए गए हैं। रेलवे द्वारा जल्द ही जल निकासी से संबंधित कार्य शुरू किया जाएगा। उन्होंने नगर निगम आयुक्त को क्षेत्र की नालियों की सफाई कराने और पानी की निकासी के समुचित प्रबंध सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
नेत्र चिकित्सालय के पास जलभराव पर दिए निर्देश
इसके बाद कलेक्टर ने वार्ड क्रमांक-15 में नेत्र चिकित्सालय के पास हुए जलभराव का निरीक्षण किया। मौके पर उन्होंने नगर निगम अधिकारियों से जल निकासी की व्यवस्था की जानकारी ली और आवश्यक निर्देश दिए।
नगर निगम के अधिकारियों ने बताया कि लोक निर्माण विभाग द्वारा मॉडल रोड से पानी को दूसरी ओर ले जाने के लिए चार स्थानों पर पुलियों के निर्माण का टेंडर जारी किया जा चुका है। बारिश कम होते ही इन पुलियों का निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा।
अवैध निर्माण हटाकर जल निकासी दुरुस्त करने के निर्देश
कलेक्टर ने कहा कि जिन स्थानों पर अवैध निर्माण अथवा अतिक्रमण के कारण पानी की निकासी बाधित हो रही है, वहां नगर निगम नियमानुसार कार्रवाई करते हुए अतिक्रमण हटाए।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि शहर में जल निकासी व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए नालियों की सफाई और अन्य आवश्यक कार्य प्राथमिकता से किए जाएं।
जलभराव से हुए नुकसान का होगा सर्वे
जलभराव से प्रभावित नागरिकों से चर्चा करते हुए कलेक्टर ने कहा कि मौसम खुलने के बाद प्रभावित क्षेत्रों में पानी की निकासी की स्थायी व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी। इसके लिए नगर निगम द्वारा आवश्यक तैयारियां की जा रही हैं।
उन्होंने बताया कि जलभराव से हुई क्षति का सर्वे भी कराया जा रहा है। सर्वे के आधार पर प्रभावित लोगों को नियमानुसार उचित राहत राशि उपलब्ध कराई जाएगी।
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