सतना के तीन थाने महीनों से टीआई विहीन, हत्या की वारदातों के बाद कानून-व्यवस्था पर उठे सवाल
बुलेट रिपोर्टर रीवा/सतना।
सतना जिले के कोटर, जसो और जैतबारा थाना क्षेत्रों में पिछले दो से तीन महीनों से नियमित थाना प्रभारी (निरीक्षक) की पदस्थापना नहीं होने का मामला चर्चा का विषय बना हुआ है। इसी दौरान इन क्षेत्रों में हुई गंभीर आपराधिक घटनाओं के बाद जिले की कानून-व्यवस्था को लेकर सवाल उठने लगे हैं।
हाल ही में कोटर थाना क्षेत्र में एक नाबालिग बालिका की हत्या का मामला सामने आया। पुलिस मामले की जांच कर रही है तथा दुष्कर्म से जुड़े पहलुओं की भी जांच जारी है। घटना के बाद क्षेत्र में आक्रोश देखने को मिला और लोगों ने प्रदर्शन किया, जिसे पुलिस ने नियंत्रित किया।
इसके अगले दिन जसो थाना क्षेत्र में एक युवक का शव बोरे में बंद अवस्था में झाड़ियों में मिलने से सनसनी फैल गई। पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। लगातार सामने आई इन घटनाओं ने जिले की सुरक्षा व्यवस्था पर बहस तेज कर दी है।
वहीं, जैतबारा थाना भी लंबे समय से निरीक्षक विहीन बताया जा रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि पुलिस लाइन में निरीक्षक स्तर के अधिकारी उपलब्ध होने के बावजूद थानों में उनकी पदस्थापना नहीं की जा रही है। वर्तमान में कई थानों का संचालन उप निरीक्षक (एसआई) और सहायक उप निरीक्षक (एएसआई) स्तर के अधिकारियों द्वारा किया जा रहा है।
स्थानीय नागरिकों का मानना है कि संवेदनशील थाना क्षेत्रों में नियमित निरीक्षकों की नियुक्ति से कानून-व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाया जा सकता है।
हालांकि, सतना पुलिस अधीक्षक हंसराज सिंह को एक अनुभवी अधिकारी माना जाता है। इसके बावजूद पुलिस लाइन में उपलब्ध निरीक्षकों की थानों में पदस्थापना नहीं होने को लेकर चर्चा जारी है। लोगों की अपेक्षा है कि रीवा जोन के आईजी डॉ. गौरव राजपूत इस विषय का संज्ञान लेकर रिक्त पदों पर शीघ्र पदस्थापना सुनिश्चित करेंगे, जिससे जिले की कानून-व्यवस्था और अधिक मजबूत हो सके।
क्या यह खबर उपयोगी थी?
इस लेख को शेयर करें:
