जच्चा-बच्चा की मौत के बाद रीवा के संजय गांधी अस्पताल में हंगामा, 2 नर्स निलंबित; जांच कमेटी गठित
रीवा | ब्यूरो रिपोर्ट
रीवा के शासकीय संजय गांधी मेमोरियल अस्पताल में प्रसूता और नवजात की मौत के बाद परिजनों ने जमकर हंगामा किया। घटना के बाद परिजनों ने इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए दोषी डॉक्टरों के खिलाफ आपराधिक प्रकरण दर्ज करने की मांग की।
परिजनों के मुताबिक, कल्पना मिश्रा को 25 अगस्त की रात प्रसव के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया था। 26 अगस्त की रात करीब 8:30 बजे ऑपरेशन के जरिए प्रसव कराया गया और बच्चे का जन्म हुआ। परिजनों का दावा है कि इसके कुछ ही देर बाद प्रसूता और नवजात दोनों की मौत हो गई।
घटना की जानकारी मिलते ही परिजन आक्रोशित हो गए और अस्पताल परिसर में हंगामा शुरू कर दिया। करीब चार घंटे तक चले हंगामे के बाद अस्पताल के डीन डॉ. सुनील अग्रवाल और अधीक्षक राहुल मिश्रा मौके पर पहुंचे। इसके बाद बंद कमरे में करीब दो घंटे तक परिजनों के साथ बैठक हुई।
बैठक में मामले की जांच का आश्वासन दिया गया। साथ ही पोस्टमार्टम जिला अस्पताल के चिकित्सकों से कराने पर सहमति बनी। अस्पताल प्रबंधन की ओर से प्रथम दृष्टया दो ड्यूटी नर्सों को निलंबित किया गया है और मामले की जांच के लिए कमेटी गठित की गई है। अधिकारियों का कहना है कि जांच के बाद जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
मौके पर मनगवां विधानसभा क्षेत्र के भाजपा विधायक नरेंद्र प्रजापति भी पहुंचे। उन्होंने डीन और अधीक्षक से चर्चा कर पूरे मामले की जांच कराने और दोषी पाए जाने पर कार्रवाई की बात कही।
वहीं, परिजनों ने आरोप लगाया कि महिला की मौत डॉक्टरों की लापरवाही के कारण हुई है। परिजनों की ओर से एनेस्थीसिया की अधिक मात्रा दिए जाने की आशंका भी जताई गई है। उनका कहना है कि एनेस्थीसिया दिए जाने के बाद महिला को होश नहीं आया। हालांकि, इन आरोपों की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
अस्पताल प्रबंधन द्वारा गठित जांच कमेटी मामले के सभी पहलुओं की जांच करेगी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के निष्कर्ष सामने आने के बाद ही प्रसूता और नवजात की मौत की वास्तविक वजह स्पष्ट हो सकेगी।
बाइट 01 — डीन डॉ. सुनील अग्रवाल
बाइट 02 — नरेंद्र प्रजापति, भाजपा विधायक, मनगवां
ब्यूरो रिपोर्ट — रीवा, मध्यप्रदेश।
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