मनगवां अस्पताल का जेडी हेल्थ ने किया आकस्मिक निरीक्षण, नवजात देखभाल के लिए दिए केएमसी के निर्देश
बुलेट रिपोर्टर मनगवां/रीवा। रीवा संभाग के ज्वाइंट डायरेक्टर (स्वास्थ्य) डॉ. जी.एस. परिहार ने सोमवार को मनगवां सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, गंगेव के अस्थायी लिंक अस्पताल तथा जरहा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का आकस्मिक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने अस्पतालों की व्यवस्थाओं का जायजा लिया, भर्ती मरीजों से चर्चा की और चिकित्सकों व नर्सिंग स्टाफ को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
प्रसव वार्ड के निरीक्षण के दौरान डॉ. परिहार ने भर्ती महिलाओं से अस्पताल में उपलब्ध सुविधाओं और मातृ-शिशु कल्याण योजनाओं की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि जन्म के एक घंटे के भीतर नवजात को मां का पहला दूध अवश्य पिलाया जाए। साथ ही कंगारू मदर केयर (केएमसी) अपनाने पर जोर देते हुए बताया कि नवजात को मां अपने सीने से लगाकर रखें, जिससे उसका शारीरिक विकास बेहतर होगा और वह निमोनिया सहित अन्य गंभीर बीमारियों से सुरक्षित रहेगा। उन्होंने यह भी कहा कि आवश्यकता पड़ने पर पिता भी नवजात को सीने से लगाकर केएमसी का लाभ दे सकते हैं।
निरीक्षण के दौरान बीएमओ डॉ. देवव्रत पाण्डेय भी मौजूद रहे। ज्वाइंट डायरेक्टर ने अस्पताल के दवा भंडार, पैथोलॉजी एवं अन्य विभागों का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि मनगवां का नया सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भवन लगभग तैयार है और शीघ्र हैंडओवर लेकर वहां स्वास्थ्य सेवाएं प्रारंभ करने की कार्रवाई की जाए।
जरहा अस्पताल के नए भवन का भेजा जाएगा प्रस्ताव
डॉ. परिहार ने जरहा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का भी निरीक्षण किया। उन्होंने भवन की कमी पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि यहां नए भवन निर्माण का प्रस्ताव शासन को भेजा जाएगा, ताकि क्षेत्र के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकें।
उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता सुधारने के उद्देश्य से जिले के अस्पतालों का नियमित निरीक्षण जारी रहेगा और आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाए जाएंगे।
मनगवां में ट्रॉमा सेंटर स्थापित करने की तैयारी
मनगवां सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भविष्य में ट्रॉमा सेंटर की सुविधा विकसित किए जाने की तैयारी है। इस संबंध में डॉ. जी.एस. परिहार ने बताया कि केंद्र सरकार की योजना के तहत राष्ट्रीय राजमार्ग से जुड़े अस्पतालों में चरणबद्ध तरीके से ट्रॉमा सेंटर स्थापित किए जा रहे हैं। इसी योजना के तहत मनगवां अस्पताल के लिए भी प्रस्ताव भेजा जाएगा।
उन्होंने कहा कि ट्रॉमा सेंटर बनने से सड़क दुर्घटनाओं में घायल मरीजों को समय पर विशेषज्ञ उपचार मिलेगा, रेफर की आवश्यकता कम होगी और गंभीर मरीजों की जान बचाने में मदद मिलेगी।
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