चित्रकूट में बाढ़ का कहर, हालात देखने खुद मैदान में उतरे मुख्यमंत्री मोहन यादव
बुलेट रिपोर्टर सतना/चित्रकूट। लगातार अतिवृष्टि के बाद मंदाकिनी और सेमरावल नदी के उफान से चित्रकूट में बने बाढ़ के हालात का जायजा लेने रविवार को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव खुद प्रभावित क्षेत्रों में पहुंचे। मुख्यमंत्री हेलीकॉप्टर से आरोग्यधाम पहुंचे और इसके बाद सीधे बाढ़ प्रभावित परिवारों के बीच पहुंचकर हालात का जायजा लिया। उन्होंने राहत शिविरों में रह रहे लोगों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं और राहत सहायता वितरित की।
आश्रय स्थल में पीड़ितों से किया सीधा संवाद
मुखारबिंद के पास बनाए गए आश्रय स्थल में मुख्यमंत्री ने बाढ़ प्रभावित परिवारों से सीधे संवाद किया। उन्होंने लोगों से उनकी परेशानियों और बाढ़ से हुए नुकसान की जानकारी ली।
इसके बाद मुख्यमंत्री का काफिला रामधाम मोहल्ले पहुंचा। यहां बाढ़ का पानी उतर चुका था, लेकिन गलियों में जमा कीचड़ और मलबा तबाही की तस्वीर बयां कर रहा था।
कीचड़ भरी गलियों में पैदल पहुंचे मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री ने औपचारिकता से आगे बढ़ते हुए खुद कीचड़ भरी गलियों में पैदल चलकर स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने बाढ़ प्रभावित घरों तक पहुंचकर रामफल गर्ग और किस्मत कुमार गर्ग के परिवारों से बातचीत की।
मुख्यमंत्री ने परिवारों से पूछा कि बाढ़ का पानी घरों के अंदर कितनी ऊंचाई तक पहुंचा और घर में रखा कितना सामान खराब हुआ।
किराना दुकान में घुसा पानी, नुकसान का लिया जायजा
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव सतना-चित्रकूट मार्ग पर सियाराम कुटीर के समीप स्थित अग्रहरि किराना स्टोर भी पहुंचे। दुकानदार कामता प्रसाद गुप्ता ने मुख्यमंत्री को बताया कि बाढ़ का पानी दुकान में घुसने से बड़ी मात्रा में सामान खराब हो गया।
मुख्यमंत्री ने नुकसान की जानकारी लेने के बाद भरोसा दिलाया कि प्रभावित लोगों को नियमानुसार हरसंभव सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
अधिकारियों को सख्त निर्देश, राहत में लापरवाही बर्दाश्त नहीं
मुख्यमंत्री ने मौके पर मौजूद प्रशासनिक अधिकारियों से राहत एवं बचाव कार्यों की जानकारी ली। उन्होंने निर्देश दिए कि राहत शिविरों में भोजन, स्वच्छ पेयजल और चिकित्सा सुविधाओं की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
उन्होंने बाढ़ से क्षतिग्रस्त मकानों, दुकानों और अन्य संपत्तियों का तत्काल सर्वे कर नुकसान का आकलन करने के निर्देश भी दिए। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि संकट की घड़ी में प्रभावित परिवारों की मदद में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
उफान पर आईं नदियां, अब तक जनहानि नहीं
प्रशासन के अनुसार लगातार अतिवृष्टि के कारण मंदाकिनी और सेमरावल नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ गया था, जिससे चित्रकूट क्षेत्र में बाढ़ के हालात निर्मित हुए। राहत की बात यह है कि अब तक किसी जनहानि की सूचना नहीं है। प्रशासन की टीमें राहत और बचाव कार्यों में जुटी हुई हैं।
मुख्यमंत्री के दौरे के दौरान विधायक सुरेंद्र सिंह गहरवार, नगर परिषद अध्यक्ष साधना पटेल, डीआरआई संगठन सचिव अभय महाजन, जिला उपाध्यक्ष प्रबल श्रीवास्तव, रीवा संभाग कमिश्नर शीलेंद्र सिंह, कलेक्टर डॉ. सतीश कुमार एस., पुलिस अधीक्षक हंसराज सिंह सहित प्रशासन एवं पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
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