बदल जाएगी संस्कारधानी की सूरत: सीएम डॉ. मोहन यादव ने जबलपुर को दी 362 करोड़ की विकास सौगात
बुलेट रिपोर्टर। जबलपुर। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शुक्रवार को जबलपुर को विकास की कई बड़ी सौगातें दीं। उन्होंने 362.31 करोड़ रुपये की लागत से तैयार 'अमृत 1.0' सीवेज परियोजना का शुभारंभ किया और कठौंदा, ललपुर तथा तेवर में निर्मित तीन आधुनिक सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) का लोकार्पण किया। इसके साथ ही सिविल लाइन में आधुनिक सुविधाओं से लैस मॉडर्न लॉन्ड्री तथा गुरंदी में 2.5 करोड़ रुपये की लागत से बने नए मत्स्य बाजार का भी उद्घाटन किया।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना के हितग्राहियों को डिजिटल कार्ड वितरित किए और जबलपुर में फर्नीचर क्लस्टर तथा सांदीपनि विद्यालय स्थापित करने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि जबलपुर को फर्नीचर निर्माण का प्रमुख केंद्र बनाया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने 'कैच द रेन' अभियान के तहत 11 लाख पौधरोपण महाअभियान का शुभारंभ करते हुए कहा कि वृक्ष हमारे जीवन के लिए ऋषि-मुनियों के समान हैं। उन्होंने मियावाकी पद्धति से सघन वन विकसित करने पर भी जोर दिया।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में गरीब कल्याण की योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन हुआ है। मुफ्त राशन, आयुष्मान योजना, हर घर नल से जल, पीएम आवास और पीएम स्वनिधि जैसी योजनाओं से करोड़ों लोगों को लाभ मिला है।
मुख्यमंत्री ने समान नागरिक संहिता (यूसीसी) का उल्लेख करते हुए कहा कि राज्य सरकार सभी वर्गों के लिए समान कानून लागू करने की दिशा में आगे बढ़ रही है। उन्होंने बताया कि यूसीसी को लेकर प्रदेशभर से 10 लाख से अधिक सुझाव प्राप्त हुए हैं।
जबलपुर के भविष्य की चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को शहर को मेट्रोपोलिटन सिटी बनाने का ड्राफ्ट तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने मदन महल क्षेत्र में आधुनिक चिड़ियाघर विकसित करने और पर्यटन को बढ़ावा देने की भी घोषणा की।
उन्होंने कहा कि प्रदेश में शिक्षा, रोजगार और आधारभूत संरचना को मजबूत करने के लिए लगातार कार्य किए जा रहे हैं। जबलपुर मेडिकल यूनिवर्सिटी को भविष्य में एम्स की तर्ज पर विकसित किया जाएगा, जिससे प्रदेश के चिकित्सा शिक्षा क्षेत्र को नई दिशा मिलेगी।
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