रीवा-सीधी फोरलेन मुआवजे में भेदभाव का आरोप, किसानों ने डिप्टी सीएम से लगाई न्याय की गुहार
रीवा | बुलेट रिपोर्टर
नेशनल हाईवे-39 रीवा-सीधी फोरलेन चौड़ीकरण परियोजना में भूमि अधिग्रहण मुआवजे को लेकर गुढ़ तहसील के किसानों ने गंभीर आपत्ति जताई है। प्रभावित किसानों ने प्रदेश के उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल से मुलाकात कर मुआवजा निर्धारण में कथित भेदभाव की शिकायत की और न्याय की मांग की।
गुढ़ तहसील के ग्राम महसांव, रीठी, खाम्हा, खड्डा और उमरी के बड़ी संख्या में किसान उपमुख्यमंत्री के निवास पहुंचे। किसानों ने बताया कि एक ही राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजना में अलग-अलग क्षेत्रों के लिए अलग-अलग तरीके से मुआवजा निर्धारित किया गया है।
किसानों का आरोप है कि हुजूर तहसील के लोही गांव में भूमि अधिग्रहण का मुआवजा नियमानुसार और संतोषजनक दिया गया, जबकि गुढ़ तहसील के गांवों में भूमि का मूल्यांकन कम कर प्रभावित किसानों के साथ अन्याय किया गया है।
प्रभावित किसानों ने बताया कि वे इस संबंध में पहले भी जिला कलेक्टर, स्थानीय विधायक और सांसद के समक्ष अपनी बात रख चुके हैं, लेकिन अब तक समस्या का समाधान नहीं हो सका है। किसानों ने मांग की कि गुढ़ तहसील के प्रभावित गांवों में भी लोही गांव की तर्ज पर उचित और नियमानुसार मुआवजा दिया जाए।
किसानों का कहना है कि एक ही परियोजना में अलग-अलग मुआवजा नीति अपनाना न्यायसंगत नहीं है। उन्होंने मुआवजा निर्धारण प्रक्रिया की निष्पक्ष जांच कराने और सभी प्रभावित किसानों को समान लाभ देने की मांग की है।
उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने किसानों की समस्याएं गंभीरता से सुनीं। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने तथा नियमानुसार उचित कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश देने का आश्वासन दिया।
किसानों को उम्मीद है कि सरकार उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय लेकर मुआवजा निर्धारण में पारदर्शिता और समानता सुनिश्चित करेगी।
क्या यह खबर उपयोगी थी?
इस लेख को शेयर करें:
