रीवा के गायत्री नगर में एक हफ्ते से ज्यादा समय से घरों में कैद 100 परिवार, बच्चों की पढ़ाई ठप; नाव से हो रहा आवागमन
बुलेट रिपोर्टर रीवा। शहर के कई इलाकों से बाढ़ का पानी उतरने के बाद भी गायत्री नगर कॉलोनी में हालात सामान्य नहीं हो पाए हैं। यहां करीब 100 परिवार पिछले एक सप्ताह से ज्यादा समय से बाढ़ के पानी के बीच फंसे हुए हैं। हालात ऐसे हैं कि कई लोगों का शहर के दूसरे हिस्सों से संपर्क प्रभावित हो गया है और जरूरी आवागमन के लिए नाव का सहारा लेना पड़ रहा है।
गायत्री नगर के स्थानीय लोगों के मुताबिक, पिछले करीब 10 दिनों से उनके घर बाढ़ के पानी से घिरे हुए हैं। कई परिवारों के सामने रोजमर्रा की जरूरतों का सामान खत्म होने लगा है। सबसे ज्यादा परेशानी बच्चों और बुजुर्गों को हो रही है।
10 दिनों से स्कूल नहीं जा पा रहे बच्चे
बाढ़ के कारण बच्चों की पढ़ाई भी बुरी तरह प्रभावित हुई है। स्थानीय लोगों के अनुसार पिछले 10 दिनों से बच्चे स्कूल नहीं जा पा रहे हैं। स्कूल और बाजार तक पहुंचने वाले रास्तों पर अब भी कमर से ऊपर तक पानी भरा हुआ है। ऐसे में लोग मजबूरी में नाव के जरिए आवागमन कर रहे हैं।
बच्चों ने अपनी परेशानी बताते हुए कहा कि बाढ़ के कारण उनकी पढ़ाई तो प्रभावित हो ही रही है, साथ ही रक्षाबंधन पर वे अपने भाइयों को राखी कैसे बांध पाएंगे, इसे लेकर भी चिंता है।
राहत व्यवस्था को लेकर उठे सवाल
स्थानीय लोगों का आरोप है कि बाढ़ के इतने दिन बाद भी प्रशासन की ओर से पर्याप्त इंतजाम नहीं किए गए हैं। लोगों का कहना है कि आवागमन के लिए स्थायी व्यवस्था के साथ खाद्य सामग्री और रोजमर्रा की जरूरी वस्तुओं की भी पर्याप्त व्यवस्था नहीं हो सकी है।
बीमारी फैलने का डर
कई दिनों से जमा पानी के कारण अब लोगों को बीमारी और संक्रमण फैलने का डर भी सताने लगा है। गंदा पानी, जलभराव और साफ-सफाई की कमी ने स्थानीय लोगों की चिंता बढ़ा दी है। लोगों का कहना है कि यदि जल्द पानी नहीं निकला और सफाई की व्यवस्था नहीं हुई तो स्थिति और गंभीर हो सकती है।
बाढ़ का पानी उतरने के बाद भी मुश्किलें बरकरार
गायत्री नगर की स्थिति बताती है कि बाढ़ का पानी कम होने के बावजूद प्रभावित परिवारों की परेशानियां खत्म नहीं हुई हैं। करीब 100 परिवार अभी भी सामान्य जिंदगी से दूर हैं और प्रशासन से राहत की उम्मीद लगाए बैठे हैं।
अब सवाल यह है कि इन परिवारों तक पर्याप्त राहत कब पहुंचेगी, बच्चों की पढ़ाई कब दोबारा शुरू होगी और लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी कब पटरी पर लौटेगी।
बाइट्स
- बाइट — स्थानीय निवासी
- बाइट — नाव में सफर करते हुए स्थानीय व्यक्ति
- बाइट — बच्चे
- बाइट — नरेंद्र सूर्यवंशी, कलेक्टर रीवा
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