मप्र में सड़क हादसों से मौतें 17% बढ़ीं, ओवरस्पीड बनी सबसे बड़ी वजह
मध्य प्रदेश में सड़क दुर्घटनाएं लगातार जानलेवा होती जा रही हैं। पुलिस ट्रेनिंग एंड रिसर्च इंस्टीट्यूट (पीटीआरआई) की वर्ष 2025 की रिपोर्ट में सामने आया है कि वर्ष 2024 की तुलना में 2025 में सड़क हादसों में मौतों की संख्या करीब 17 प्रतिशत बढ़ गई है। रिपोर्ट के अनुसार प्रदेश में वर्ष 2025 में 58,183 सड़क हादसे हुए, जिनमें 15,976 लोगों की मौत हुई। यह पिछले वर्ष की तुलना में 2,315 मौतें अधिक हैं।
रिपोर्ट में बताया गया है कि सड़क हादसों में सबसे बड़ी वजह ओवरस्पीड है। कुल मौतों में करीब 80 प्रतिशत मौतें तेज रफ्तार के कारण हुईं। इसके अलावा गलत दिशा में वाहन चलाना, शराब पीकर ड्राइविंग और ड्राइविंग के दौरान मोबाइल का उपयोग भी हादसों की प्रमुख वजह बने।
पीटीआरआई के अनुसार, प्रदेश में सबसे अधिक हादसे सीधी सड़कों पर हुए, जबकि आम धारणा के विपरीत गड्ढों वाली सड़कों पर अपेक्षाकृत कम हादसे दर्ज किए गए। रिपोर्ट बताती है कि शाम 6 बजे से रात 9 बजे के बीच का समय सबसे अधिक खतरनाक है। इसी अवधि में सर्वाधिक दुर्घटनाएं और मौतें दर्ज की गईं।
रिपोर्ट के अनुसार ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क सुरक्षा की स्थिति अधिक चिंताजनक है। पूरे वर्ष में 11,937 लोगों की मौत ग्रामीण क्षेत्रों में हुई, जबकि शहरी क्षेत्रों में 4,039 लोगों ने जान गंवाई। वहीं सड़क हादसों में पुरुषों की मौत महिलाओं की तुलना में लगभग पांच गुना अधिक दर्ज की गई है।
फैक्ट बॉक्स : पीटीआरआई रिपोर्ट 2025
कुल सड़क हादसे (2025) : 58,183
कुल मौतें (2025) : 15,976
2024 की तुलना में मौतें : 2,315 अधिक (लगभग 17%)
सबसे बड़ी वजह : ओवरस्पीड (12,818 मौतें)
सबसे खतरनाक समय : शाम 6 बजे से रात 9 बजे
सीधी सड़कों पर हादसे : 37,116
ग्रामीण क्षेत्रों में मौतें : 11,937
शहरी क्षेत्रों में मौतें : 4,039
पांच वर्ष से कम पुरानी गाड़ियों से हादसे : 16,064
साफ मौसम में मौतें : 9,872
हादसों में मौत के प्रमुख कारण
ओवरस्पीड : 12,818
गलत दिशा में वाहन चलाना : 713
शराब पीकर वाहन चलाना : 271
ड्राइविंग के दौरान मोबाइल का उपयोग : 112
(रिपोर्ट: पीटीआरआई, मध्य प्रदेश 2025)
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