तिवनी में 400 से 500 खसरों की प्रविष्टि अटकी: KCC, खाद और जमीन के क्रय-विक्रय में किसानों को परेशानी
बुलेट रिपोर्टर रीवा। रीवा जिले की ग्राम पंचायत तिवनी चौथियान टोला में करीब 400 से 500 खसरा नंबरों की प्रविष्टि का मामला लंबे समय से अटका हुआ है। खसरा अभिलेखों में भूमि स्वामियों के नाम दर्ज नहीं होने के कारण प्रभावित किसानों को कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। किसानों का कहना है कि रिकॉर्ड में नाम दर्ज नहीं होने से उनका किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) नहीं बन पा रहा है, खाद लेने में दिक्कत हो रही है और जमीन का क्रय-विक्रय भी प्रभावित है।
मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान में उठी किसानों की समस्या
समाजसेवी शैलेन्द्र तिवारी (शैलू) के नेतृत्व में सैकड़ों प्रभावित किसान मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान के दौरान तिवनी चौथियान टोला पहुंचे। किसानों ने अपनी समस्याओं को लेकर कलेक्टर रीवा के नाम आवेदन सौंपा।
आवेदन में खसरा रिकॉर्ड में भूमि स्वामियों के नाम दर्ज कराने, भू-अधिकार अभिलेख उपलब्ध कराने और गांव में बिजली संबंधी समस्या का निराकरण करने सहित चार सूत्रीय मांगें रखी गई हैं।
शिकायतों के बावजूद नहीं हुई अपेक्षित कार्रवाई
किसानों का कहना है कि इस समस्या को लेकर वे पूर्व में भी कई बार शिकायत कर चुके हैं। शिकायत के बाद कलेक्टर रीवा द्वारा अनुविभागीय अधिकारी मनगवां को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए जाने का भी उल्लेख किया गया है।
हालांकि किसानों का आरोप है कि शासन और प्रशासन स्तर से निर्देश दिए जाने के बावजूद अब तक खसरा अभिलेखों में भूमि स्वामियों के नाम दर्ज नहीं किए गए हैं।
दिसंबर 2025 में विधानसभा में भी उठा था मामला
प्रभावित किसानों ने बताया कि मनगवां विधायक ने दिसंबर 2025 में विधानसभा में भी इस मामले को लेकर प्रश्न उठाया था। किसानों के अनुसार विधानसभा में दिए गए जवाब में आयुक्त, भू-संसाधन प्रबंधन, मध्यप्रदेश की ओर से बताया गया था कि प्रभावित किसानों के खसरा रिकॉर्ड में आवश्यक प्रविष्टि करने के लिए अनुविभागीय अधिकारी को निर्देशित किया गया है।
किसानों का कहना है कि विधानसभा स्तर पर मामला उठने और शासन की ओर से निर्देश जारी होने के बावजूद रिकॉर्ड में नाम दर्ज नहीं होने से उनकी परेशानी बरकरार है।
KCC और खाद से लेकर जमीन बेचने तक में परेशानी
प्रभावित किसानों के मुताबिक खसरा रिकॉर्ड में नाम दर्ज नहीं होने का सीधा असर उनकी कृषि गतिविधियों पर पड़ रहा है। किसान KCC के जरिए कृषि ऋण लेने, खाद प्राप्त करने और अन्य शासकीय सुविधाओं का लाभ लेने में परेशानी बता रहे हैं।
इसके अलावा भूमि रिकॉर्ड में नाम दर्ज नहीं होने के कारण अपनी जमीन से संबंधित वैधानिक प्रक्रिया और क्रय-विक्रय में भी दिक्कत आने की बात किसानों ने कही है।
कलेक्टर से तत्काल रिकॉर्ड दुरुस्त कराने की मांग
प्रभावित किसानों ने कलेक्टर रीवा से मांग की है कि तिवनी चौथियान टोला के प्रभावित खसरा नंबरों की तत्काल जांच कराई जाए और पात्र भूमि स्वामियों के नाम राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज किए जाएं।
साथ ही किसानों को उनके भू-अधिकार अभिलेख उपलब्ध कराने की मांग की गई है, ताकि वे कृषि ऋण, खाद और अन्य सरकारी योजनाओं का लाभ उठा सकें तथा अपनी भूमि से संबंधित वैधानिक कार्यवाही बिना परेशानी के कर सकें।
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