मनगवां में आदिवासी भूमि के कथित फर्जी नामांतरण का मामला, एसडीएम न्यायालय में जांच और खसरा सुधार की मांग
मनगवां में आदिवासी भूमि के कथित फर्जी नामांतरण का मामला, एसडीएम न्यायालय में खसरा सुधार और आपराधिक कार्रवाई की मांग
बुलेट रिपोर्टर ब्यूरो रीवा। रीवा जिले के मनगवां तहसील क्षेत्र से आदिवासी भूमि के कथित फर्जी नामांतरण का मामला सामने आया है। ग्राम पूर्वा 310 की भूमि से जुड़े इस मामले में आवेदक ने एसडीएम न्यायालय का दरवाजा खटखटाते हुए राजस्व अभिलेखों में सुधार, पूरे मामले की जांच और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ आपराधिक कार्रवाई की मांग की है। हालांकि, मामले में लगाए गए आरोपों की पुष्टि अभी जांच और न्यायालयीन प्रक्रिया के बाद ही हो सकेगी।
जानकारी के अनुसार, ग्राम पूर्वा 310 निवासी तीरथ कोल पिता रघुनाथ कोल ने अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) न्यायालय, मनगवां में आवेदन प्रस्तुत किया है। आवेदन में आराजी क्रमांक 90, 91 और 92 से संबंधित राजस्व अभिलेखों में कथित अनियमितता का आरोप लगाया गया है।
आवेदक का कहना है कि संबंधित भूमि आदिवासी परिवार को शासन द्वारा आवंटित की गई थी। आरोप है कि बाद में राजस्व अभिलेखों में नियमों के विपरीत नामांतरण कर दिया गया, जिससे आदिवासी परिवार के भूमि अधिकार प्रभावित हुए।
आवेदन में जगमोहन पटेल पर राजस्व कर्मचारियों से कथित मिलीभगत कर फर्जी तरीके से नामांतरण कराने का आरोप लगाया गया है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि अभी नहीं हुई है।
आवेदक ने एसडीएम न्यायालय से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने, मौके पर पटवारी से प्रतिवेदन एवं स्थल पंचनामा तैयार कराने, राजस्व अभिलेखों में आवश्यक सुधार करने तथा दोषी पाए जाने वालों के विरुद्ध आपराधिक प्रकरण दर्ज किए जाने की मांग की है।
आवेदक का कहना है कि मामले से संबंधित पुराने खसरा अभिलेख और अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेज न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किए जाएंगे। फिलहाल यह मामला एसडीएम न्यायालय मनगवां में विचाराधीन है।
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