कलेक्टर के आश्वासन के बाद भी नहीं निकला समाधान, पांचवें दिन फिर धरने पर बैठा युवक
बुलेट रिपोर्टर।
रीवा जिले की गुढ़ तहसील के ग्राम बेला में अदाणी एनर्जी सॉल्यूशंस की हाईटेंशन पावर ट्रांसमिशन लाइन परियोजना को लेकर चल रहा विवाद सोमवार को फिर गरमा गया। कलेक्टर के आश्वासन के बावजूद समस्या का समाधान नहीं होने का आरोप लगाते हुए एक युवक पांचवें दिन दोबारा धरने पर बैठ गया। लगातार भूख हड़ताल के कारण उसकी तबीयत बिगड़ती नजर आई, लेकिन उसने आंदोलन समाप्त करने से इनकार कर दिया।
जानकारी के अनुसार, यह परियोजना पूर्वी मध्यप्रदेश की विद्युत प्रसारण व्यवस्था को मजबूत करने के लिए एमपी पावर ट्रांसमिशन पैकेज-दो के तहत संचालित की जा रही है। इसके अंतर्गत रीवा जिले के ग्राम बेला सहित आसपास के क्षेत्रों में खेतों से होकर हाईटेंशन बिजली के टावर और तार स्थापित किए जा रहे हैं।
ग्राम बेला के किसान परिवार का आरोप है कि उनकी कृषि भूमि पर टावर और ट्रांसमिशन लाइन का कार्य उचित मुआवजा तय किए बिना कराया जा रहा है। इसी के विरोध में युवक पहले भी पानी में खड़े होकर सत्याग्रह कर चुका था। प्रशासनिक अधिकारियों और कलेक्टर द्वारा मांगों के निराकरण का आश्वासन मिलने के बाद उसने अनशन समाप्त कर दिया था, लेकिन अब उसका कहना है कि अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।
सोमवार को दोबारा धरने पर बैठने से पहले युवक भावुक होकर रो पड़ा। उसने कहा कि उसके पिता ने उसे अपने अधिकारों के लिए संघर्ष जारी रखने की बात कही है। युवक ने बताया कि वह पिछले पांच दिनों से भोजन नहीं कर रहा है और जब तक उसकी मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
अनशन के दौरान युवक की हालत बिगड़ने पर आसपास मौजूद युवकों ने उसकी हथेलियों और पैरों के तलवों की मालिश की। इसके बावजूद वह कभी जमीन पर लेटकर तो कभी जेसीबी से खोदे गए पानी भरे गड्ढे में बैठकर अपना विरोध दर्ज कराता रहा।
मामले की जानकारी मिलने पर मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जीतू पटवारी ने भी युवक से फोन पर चर्चा कर उसकी मांगों की जानकारी ली। कांग्रेस ने सरकार से हस्तक्षेप कर किसान की शिकायत सुनने और भूमि मुआवजे का उचित निर्धारण सुनिश्चित करने की मांग की है।
फिलहाल मामले में प्रशासन और संबंधित कंपनी की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
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