63 लाख की नकदी के साथ यात्री गिरफ्तार, हवाला से जुड़े होने का संदेह
63 लाख की नकदी के साथ यात्री गिरफ्तार, हवाला से जुड़े होने का संदेह
बेतवा एक्सप्रेस में आरपीएफ और झांसी क्राइम ब्रांच की संयुक्त कार्रवाई, सतना के व्यक्ति के कहने पर रकम कानपुर ले जाने का खुलासा
बुलेट रिपोर्टर सतना। स्वतंत्रता दिवस के मद्देनजर रेलवे स्टेशनों और ट्रेनों में चल रही सघन जांच के दौरान आरपीएफ और झांसी क्राइम ब्रांच की संयुक्त टीम ने बेतवा एक्सप्रेस से 63 लाख रुपये की नकदी बरामद की है। इतनी बड़ी रकम के संबंध में संतोषजनक जवाब नहीं देने पर सतना निवासी 60 वर्षीय यात्री को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। प्रारंभिक पूछताछ में यात्री ने सतना निवासी संजय उर्फ संजू के कहने पर रकम कानपुर ले जाने की बात बताई है। पुलिस को रकम के हवाला कारोबार से जुड़े होने का संदेह है।
बहिलपुरवा-कर्वी के बीच हुई चेकिंग
जानकारी के मुताबिक सोमवार सुबह 18203 बेतवा एक्सप्रेस में सुरक्षा जांच के दौरान आरपीएफ को कोच क्रमांक 83 की सीट नंबर 19 पर सफर कर रहे एक यात्री की गतिविधियां संदिग्ध लगीं। इसके बाद झांसी क्राइम ब्रांच के सहयोग से बहिलपुरवा और चित्रकूट धाम-कर्वी स्टेशनों के बीच यात्री के पिट्ठू बैग और थैले की तलाशी ली गई। तलाशी के दौरान उसमें से 63 लाख रुपये की नकदी बरामद हुई।
यात्री की पहचान प्रीतमदास पुत्र स्वर्गीय चेतनदास (60), निवासी वार्ड क्रमांक-21, सिंधी कैंप, थाना कोलगवां, सतना के रूप में हुई है। पूछताछ में वह इतनी बड़ी रकम अपने पास रखने और उसे ले जाने के संबंध में संतोषजनक जानकारी नहीं दे सका।
कर्वी स्टेशन पर उतारकर हुई पूछताछ
नकदी बरामद होने के बाद संयुक्त टीम ने रकम जब्त कर यात्री को कर्वी स्टेशन पर उतारा और उससे कड़ाई से पूछताछ की। पूछताछ में प्रीतमदास ने कथित तौर पर बताया कि वह यह रकम सतना निवासी संजय उर्फ संजू के कहने पर कानपुर लेकर जा रहा था।
मामले की जानकारी वरिष्ठ अधिकारियों को देने के बाद संयुक्त टीम ने संजय उर्फ संजू की तलाश शुरू कर दी है। जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि 63 लाख रुपये की रकम का वास्तविक स्रोत क्या है और कानपुर में यह रकम किस व्यक्ति तक पहुंचाई जानी थी।
रकम के स्रोत और नेटवर्क की जांच
आरपीएफ और क्राइम ब्रांच अब नकदी के स्रोत से लेकर उसके संभावित प्राप्तकर्ता तक की कड़ियां जोड़ने में जुटी हैं। अधिकारियों को आशंका है कि रकम किसी बड़े हवाला नेटवर्क का हिस्सा हो सकती है। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि इतनी बड़ी नकदी किस उद्देश्य से कानपुर भेजी जा रही थी।
फिलहाल आरोपी यात्री के खिलाफ रेल अधिनियम के तहत कार्रवाई की जा रही है और मामले की जांच जारी है।
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