सतना के युवा इंजीनियर रत्नेंद्र सिंह ने विक्रम-1 रॉकेट मिशन में निभाई अहम भूमिका, बढ़ाया प्रदेश का गौरव
बुलेट रिपोर्टर ब्यूरो सतना। मध्य प्रदेश के सतना जिले के युवा इंजीनियर रत्नेंद्र सिंह ने निजी अंतरिक्ष कंपनी स्काईरूट एयरोस्पेस के विक्रम-1 रॉकेट के सफल प्रक्षेपण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाकर पूरे प्रदेश और जिले का नाम गौरवान्वित किया है।
रत्नेंद्र सिंह वर्तमान में स्काईरूट एयरोस्पेस में GNC (Guidance, Navigation & Control) एवं फ्लाइट डायनेमिक्स इंजीनियर के रूप में कार्यरत हैं। उन्होंने रॉकेट के मार्गदर्शन, नियंत्रण और उड़ान से जुड़े महत्वपूर्ण तकनीकी कार्यों में अपनी जिम्मेदारी निभाई, जो मिशन की सफलता का अहम हिस्सा रही।
रत्नेंद्र ने बताया कि स्काईरूट एयरोस्पेस का कार्य वातावरण अत्यंत सहयोगात्मक, चुनौतीपूर्ण और नवाचार से भरपूर है। कंपनी में औसत आयु लगभग 28 वर्ष के युवा इंजीनियर पूरी ऊर्जा और समर्पण के साथ कार्य करते हैं। उनका कहना है कि टीम का हर सदस्य इस भावना के साथ काम करता है मानो वह अपने ही रॉकेट को अंतरिक्ष में भेज रहा हो।
रत्नेंद्र के पिता पुष्पेंद्र सिंह, जो भारतीय सेना में पूर्व सब क्लर्क (SD) रह चुके हैं, ने बेटे की उपलब्धि पर गर्व व्यक्त करते हुए कहा कि यह सफलता मध्य प्रदेश के युवाओं के लिए प्रेरणादायक है। उन्होंने विश्वास जताया कि रत्नेंद्र भविष्य में भी विज्ञान एवं अंतरिक्ष अनुसंधान के क्षेत्र में देश का नाम विश्व स्तर पर रोशन करते रहेंगे।
रत्नेंद्र सिंह की उपलब्धि सतना सहित पूरे मध्य प्रदेश के युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बन गई है और यह साबित करती है कि मेहनत, प्रतिभा और समर्पण के दम पर देश के अंतरिक्ष मिशनों में महत्वपूर्ण योगदान दिया जा सकता है।
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