ईडब्ल्यूएस अभ्यर्थियों के नियुक्ति पत्र में आरक्षण श्रेणी दर्ज करने की मांग, राज्यपाल को सौंपा ज्ञापन
बुलेट रिपोर्टर रीवा/भोपाल। मध्यप्रदेश में आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) के अभ्यर्थियों के नियुक्ति पत्रों में आरक्षण श्रेणी का उल्लेख नहीं किए जाने का मामला सामने आया है। इस संबंध में सामाजिक कार्यकर्ता कुंवर सिंह पटेल ने महामहिम राज्यपाल, मध्यप्रदेश को ज्ञापन सौंपकर प्रदेश के सभी विभागों और भर्ती एजेंसियों को आवश्यक निर्देश जारी करने की मांग की है।
ज्ञापन में कहा गया है कि मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग (MPPSC) सहित विभिन्न विभागों की भर्ती प्रक्रियाओं में चयन सूची और आरक्षण तालिका में अभ्यर्थियों को ईडब्ल्यूएस श्रेणी में चयनित दर्शाया जाता है, लेकिन नियुक्ति पत्र जारी होने के समय उन्हें सामान्य (अनारक्षित) श्रेणी में अंकित किया जा रहा है। इससे आरक्षण व्यवस्था की पारदर्शिता पर सवाल खड़े हो रहे हैं और अभ्यर्थियों में भ्रम की स्थिति बन रही है।
शिकायत में उदाहरण देते हुए बताया गया है कि सहायक प्राध्यापक परीक्षा-2022 की चयन सूची में शासकीय केदारनाथ पीजी कॉलेज, मऊगंज के लिए चयनित राघवेंद्र कुमार मिश्रा तथा शासकीय कॉलेज नरेला, भोपाल के लिए चयनित नेहा शर्मा का चयन ईडब्ल्यूएस श्रेणी में दर्शाया गया है। आरोप है कि नियुक्ति पत्रों में उनकी श्रेणी सामान्य अंकित की गई है।
कुंवर सिंह पटेल का कहना है कि जब अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST) और अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) के अभ्यर्थियों के नियुक्ति पत्रों में उनकी आरक्षण श्रेणी का स्पष्ट उल्लेख किया जाता है, तो ईडब्ल्यूएस अभ्यर्थियों के साथ अलग व्यवस्था अपनाना उचित नहीं है।
उन्होंने राज्यपाल से मांग की है कि प्रदेश के सभी विभागों, आयोगों और भर्ती संस्थाओं को निर्देशित किया जाए कि चयन सूची, अंतिम प्रकाशन सूची तथा नियुक्ति पत्रों में ईडब्ल्यूएस श्रेणी का भी स्पष्ट उल्लेख अनिवार्य किया जाए, ताकि भर्ती प्रक्रिया में पूर्ण पारदर्शिता बनी रहे और भविष्य में किसी प्रकार का विवाद उत्पन्न न हो।
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