वंदे मातरम पर सियासी संग्राम: कांग्रेस कार्यालय के बाहर भाजपा-कांग्रेस भिड़े, जूते-चप्पल और पत्थर चलने के आरोप
रीवा। ब्यूरो रिपोर्ट।
वंदे मातरम गीत को लेकर रीवा में भाजपा और कांग्रेस के बीच रविवार शाम सियासी टकराव सड़क पर संघर्ष में बदल गया। उर्रहट स्थित कांग्रेस कार्यालय के सामने शाम करीब 6:30 बजे दोनों दलों के कार्यकर्ता आमने-सामने आ गए। पहले जमकर नारेबाजी हुई और इसके बाद धक्का-मुक्की व झूमाझटकी शुरू हो गई। स्थिति बिगड़ने पर दोनों ओर से जूते-चप्पल और पत्थर चलने के आरोप लगाए गए। घटना में दोनों पक्षों के कुछ लोगों के घायल होने की जानकारी सामने आई है।
दरअसल, सोनिया गांधी और राहुल गांधी द्वारा कथित तौर पर अधूरे वंदे मातरम गीत के गायन को लेकर भाजपा ने विरोध प्रदर्शन का ऐलान किया था। सांसद जनार्दन मिश्रा और भाजपा जिलाध्यक्ष वीरेन्द्र गुप्ता के नेतृत्व में बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता मशाल लेकर कांग्रेस कार्यालय का घेराव करने पहुंचे थे।
कांग्रेस कार्यालय के सामने भाजपा कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी शुरू की तो कांग्रेस के नेता और कार्यकर्ता भी कार्यालय से बाहर आ गए। देखते ही देखते दोनों पक्षों के बीच तीखी नारेबाजी शुरू हो गई। इसके बाद धक्का-मुक्की और झूमाझटकी के चलते स्थिति तनावपूर्ण हो गई।
नारेबाजी से पथराव तक पहुंचा विवाद
पुलिस हालात संभालने का प्रयास करती, इससे पहले ही दोनों ओर से एक-दूसरे पर जूते, चप्पल और पत्थर फेंके जाने लगे। करीब आधे घंटे तक कांग्रेस कार्यालय के सामने अफरा-तफरी और हंगामे की स्थिति बनी रही। पुलिस ने दोनों पक्षों के कार्यकर्ताओं को अलग किया। घटना के बाद कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता सड़क पर धरने पर बैठ गए। पुलिस की समझाइश के बाद स्थिति शांत हुई।
भाजपा का आरोप—कांग्रेस ने शुरू किया पथराव
भाजपा जिलाध्यक्ष वीरेन्द्र गुप्ता ने आरोप लगाया कि भाजपा कार्यकर्ता शांतिपूर्ण तरीके से मशाल जुलूस निकालकर कांग्रेस कार्यालय के सामने वंदे मातरम का गायन करने पहुंचे थे। उनके मुताबिक, इसी दौरान कांग्रेस की ओर से पथराव शुरू किया गया।
भाजपा ने दावा किया कि उसके पार्षद समीर शुक्ला, जीवनलाल साकेत समेत एक अन्य कार्यकर्ता को चोटें आई हैं। भाजपा जिलाध्यक्ष ने कांग्रेस पर अराजकता फैलाने का आरोप लगाया।
कांग्रेस का पलटवार—जबरन कार्यालय में घुसने का प्रयास
कांग्रेस जिलाध्यक्ष इंजी. राजेन्द्र शर्मा ने भाजपा के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि भाजपा सांसद, जिलाध्यक्ष और अन्य कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस कार्यालय में जबरन प्रवेश करने का प्रयास किया। कांग्रेस का आरोप है कि भाजपा कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ धक्का-मुक्की और गाली-गलौज की।
कांग्रेस कार्यकर्ता देवकी साकेत के घायल होने का भी दावा किया गया है। कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने पुलिस प्रशासन पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि प्रदर्शन की जानकारी होने के बावजूद कांग्रेस कार्यालय के सामने पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था और बैरिकेडिंग नहीं की गई।
उन्होंने कहा कि सोमवार को कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल एसपी से मुलाकात कर दलित महिला के कथित अपमान के मामले में एफआईआर की मांग करेगा।
एक प्रदर्शन ने बढ़ाया सियासी तापमान
वंदे मातरम को लेकर शुरू हुआ राजनीतिक विरोध अब आरोप-प्रत्यारोप और सड़क पर हुए संघर्ष में बदल गया है। दोनों दलों ने एक-दूसरे पर विवाद शुरू करने और हमला करने के आरोप लगाए हैं। फिलहाल पुलिस पूरे घटनाक्रम की जांच और वीडियो फुटेज के आधार पर स्थिति स्पष्ट करने में जुटी है।
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